हॉस्पिटल, क्लिनिक और हेल्थकेयर प्रोजेक्टों के लिए फंडिंग
Biz Corp Solutions हॉस्पिटल, क्लिनिक, डायग्नोस्टिक सेंटर और हेल्थकेयर प्रोजेक्टों के लिए फंडिंग की व्यवस्था करता है — निर्माण, मेडिकल उपकरण, विस्तार, आधुनिकीकरण और वर्किंग कैपिटल। हम ज़रूरत की संरचना तैयार करते हैं और इसे हासिल करने के लिए बैंकों, NBFC और वित्तीय संस्थानों के साथ काम करते हैं।
- किसके लिए
- हॉस्पिटल, क्लिनिक व डायग्नोस्टिक सेंटर
- फंडिंग का उपयोग
- निर्माण व उपकरण
- ऋणदाता
- बैंक, NBFC व वित्तीय संस्थान
- कार्यक्षेत्र
- महाराष्ट्र · गुजरात · कर्नाटक
हॉस्पिटल फंडिंग क्या है?
गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएँ देने के लिए हेल्थकेयर संस्थानों को मज़बूत वित्तीय सहयोग की ज़रूरत होती है।
हम हॉस्पिटल, क्लिनिक, डायग्नोस्टिक सेंटर और हेल्थकेयर प्रोजेक्टों के लिए फंडिंग समाधान उपलब्ध कराते हैं, ताकि उनके विस्तार, आधुनिकीकरण और उपकरण ख़रीद में सहयोग मिल सके।
यह किसके लिए है
- नए निर्माण या विस्तार की योजना बना रहे हॉस्पिटल
- उपकरण अपग्रेड कर रहे क्लिनिक और डायग्नोस्टिक सेंटर
- हेल्थकेयर प्रोजेक्टों के प्रमोटर
- महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक की हेल्थकेयर सुविधाएँ
हम क्या व्यवस्था करते हैं
- हॉस्पिटल कंस्ट्रक्शन फाइनेंस
- मेडिकल उपकरण फाइनेंसिंग
- विस्तार व आधुनिकीकरण फंडिंग
- वर्किंग कैपिटल समाधान
- हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
योजना से फंडिंग तक
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01
अपनी योजना बताएँ
हमें अपनी हेल्थकेयर सुविधा, प्रोजेक्ट — निर्माण, विस्तार या उपकरण — और आपको कितनी फंडिंग चाहिए, इसकी जानकारी दें।
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02
आकलन और संरचना
हम प्रोजेक्ट और सुविधा की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करते हैं और उसके कैश फ्लो के अनुरूप फंडिंग की संरचना तैयार करते हैं।
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03
ऋणदाता और दस्तावेज़ीकरण
हम उपयुक्त बैंकों, NBFC और वित्तीय संस्थानों से संपर्क करते हैं और फ़ाइल तैयार करते हैं, साथ ही पूरी प्रक्रिया में आपको अपडेट देते रहते हैं।
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04
मंज़ूरी और डिस्बर्समेंट
ऋणदाता द्वारा सुविधा मंज़ूर होने के बाद, तय शर्तों और प्रोजेक्ट की प्रगति के अनुसार राशि जारी की जाती है।
ऋणदाता आमतौर पर क्या माँगते हैं
हेल्थकेयर ऋणदाता सुविधा, उसके प्रमोटरों और प्रोजेक्ट का आकलन करते हैं। अधिकांश आवेदनों में ये दस्तावेज़ लगते हैं, और इन्हें जुटाने में हम आपकी मदद करते हैं।
- हॉस्पिटल, क्लिनिक या डायग्नोस्टिक सेंटर का पंजीकरण और लाइसेंस
- संस्था और प्रमोटरों के गठन (constitution) और KYC दस्तावेज़
- प्रमोटर डॉक्टरों की योग्यता और पंजीकरण, जहाँ लागू हो
- ऑडिटेड वित्तीय विवरण और आयकर रिटर्न
- लागत और अनुमानों सहित प्रोजेक्ट रिपोर्ट
- मेडिकल उपकरणों के कोटेशन
- ज़मीन, परिसर या लीज़ के दस्तावेज़
नोट: सटीक सूची और शर्तें हर ऋणदाता तय करता है और ये सुविधा व प्रोजेक्ट पर निर्भर करती हैं।
दस्तावेज़ों की पूरी चेकलिस्ट देखें: हॉस्पिटल और क्लिनिक फंडिंग के लिए दस्तावेज़ों की चेकलिस्ट
हॉस्पिटल फंडिंग से जुड़े सवाल
हॉस्पिटल फंडिंग का उपयोग किन कामों के लिए किया जा सकता है?
हॉस्पिटल निर्माण, मेडिकल उपकरण फाइनेंसिंग, विस्तार और आधुनिकीकरण, हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और वर्किंग कैपिटल।
कौन आवेदन कर सकता है?
हॉस्पिटल, क्लिनिक, डायग्नोस्टिक सेंटर और हेल्थकेयर प्रोजेक्टों के प्रमोटर।
क्या सिर्फ़ मेडिकल उपकरणों के लिए अलग से फंडिंग मिल सकती है?
हाँ। हम नए या अपग्रेड किए गए उपकरणों के लिए मेडिकल उपकरण फाइनेंसिंग की व्यवस्था करते हैं, और साथ ही बड़े निर्माण व विस्तार प्रोजेक्टों के लिए फंडिंग भी।
क्या आप हेल्थकेयर सुविधाओं के लिए वर्किंग कैपिटल की व्यवस्था करते हैं?
हाँ। निर्माण और उपकरण फंडिंग के साथ-साथ वर्किंग कैपिटल समाधान भी इस सेवा का हिस्सा हैं।
आप किन ऋणदाताओं के साथ काम करते हैं?
हम बैंकों, NBFC और वित्तीय संस्थानों के नेटवर्क के साथ काम करते हैं और सुविधा के लिए सबसे उपयुक्त ऋणदाताओं से संपर्क करते हैं।
आप किन क्षेत्रों में सेवा देते हैं?
हम बदलापुर पूर्व, ठाणे ज़िले स्थित अपने कार्यालय से महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक के हेल्थकेयर प्रदाताओं को सेवा देते हैं।
आवेदन से पहले पढ़ें
भारत में हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, क्लिनिक या डायग्नोस्टिक सेंटर की फंडिंग कैसे करें
भारत में हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, क्लिनिक या डायग्नोस्टिक सेंटर की फंडिंग कैसे करें: टर्म लोन, इक्विपमेंट फाइनेंस, वर्किंग कैपिटल, LAP और लेंडर क्या जाँचते हैं।
मेडिकल इक्विपमेंट फ़ाइनेंस: MRI, CT, कैथ लैब, डायलिसिस, डेंटल और ऑप्थैल्मिक उपकरणों के लिए लीज़ बनाम लोन
MRI, CT, कैथ लैब, डायलिसिस, डेंटल और आँखों के उपकरणों के लिए लीज़ या लोन: इक्विपमेंट लोन, लीज़ के प्रकार, GST, डेप्रिसिएशन, AERB और CGTMSE।
टर्म लोन के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) में लेंडर क्या चाहते हैं
टर्म लोन के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट में बैंक क्या देखते हैं: ढाँचा, प्रोजेक्ट लागत और फ़ाइनेंस के साधन, प्रोजेक्शन, DSCR, CMA डेटा, TEV स्टडी और RBI के 2025 के नियम।
लोन आवेदन क्यों रिजेक्ट होते हैं — और फ़ाइल कैसे सुधारें
बिज़नेस और प्रॉपर्टी लोन आवेदन क्यों रिजेक्ट होते हैं — क्रेडिट रिपोर्ट की ग़लतियाँ, बकाया, ज़्यादा EMI, आय में अंतर, प्रॉपर्टी की समस्याएँ — और सुधारकर दोबारा आवेदन कैसे करें।
पहले हिसाब लगाएँ
मेडिकल व औद्योगिक उपकरण: लीज़ बनाम टर्म लोन
टर्म लोन (मार्जिन + EMI + 15% WDV मूल्यह्रास व ब्याज टैक्स शील्ड) बनाम इक्विपमेंट लीज़ की कर-पश्चात Net Present Value (NPV) तुलना।
प्रोजेक्ट DSCR और रीपेमेंट शेड्यूल
टर्म लोन का वर्षवार, औसत और न्यूनतम DSCR — मोरेटोरियम, EMI या समान मूलधन किस्तों के साथ, और डाउनलोड करने योग्य शेड्यूल।
CGTMSE गारंटी कवर व वार्षिक शुल्क (AGF)
बिना गिरवी MSME लोन कवर (₹10 करोड़ तक 75%–85%), हाइब्रिड सिक्योरिटी कटौती और 18% GST सहित वार्षिक गारंटी शुल्क (AGF)।
अक्सर साथ ली जाने वाली सेवाएँ
हेल्थकेयर सुविधा का निर्माण, विस्तार या उसके लिए उपकरण ख़रीदने की योजना है?
अपनी योजना बताएँ, हमारी सलाहकार टीम सही फंडिंग संरचना पर चर्चा के लिए आपको कॉल करेगी।
Biz Corp Solutions साझेदार बैंकों, NBFC और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से फंडिंग की व्यवस्था करती है। मंज़ूरी, ब्याज दर और शर्तें ऋणदाता तय करता है। अंतिम समीक्षा: 5 अक्टूबर 2026।
