बिल्डरों और डेवलपरों के लिए कंस्ट्रक्शन फाइनेंस
Biz Corp Solutions आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक और मिश्रित-उपयोग (mixed-use) प्रोजेक्टों के लिए ₹5 करोड़ से ₹500 करोड़ तक के कंस्ट्रक्शन फाइनेंस की व्यवस्था करता है। हम फंडिंग की संरचना तैयार करते हैं, उपयुक्त बैंकों, NBFC और वित्तीय संस्थानों से संपर्क करते हैं, दस्तावेज़ीकरण संभालते हैं और प्रोजेक्ट पूरा होने तक चरणबद्ध डिस्बर्समेंट में सहयोग करते हैं।
- फंडिंग सीमा
- ₹5 – 500 करोड़
- डिस्बर्समेंट
- चरणबद्ध
- ऋणदाता
- बैंक, NBFC व वित्तीय संस्थान
- कार्यक्षेत्र
- महाराष्ट्र · गुजरात · कर्नाटक
कंस्ट्रक्शन फाइनेंस क्या है?
कंस्ट्रक्शन फाइनेंस एक लोन सुविधा है जो किसी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के निर्माण की लागत — सिविल कार्य, सामग्री, अनुमतियाँ और उनसे जुड़े खर्च — को फंड करती है। ऋणदाता आमतौर पर इसे निर्माण की प्रगति के साथ चरणों में जारी करते हैं, और डेवलपर इसे मुख्य रूप से यूनिटों की बिक्री से चुकाता है।
Biz Corp Solutions डेवलपरों को आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक और मिश्रित-उपयोग प्रोजेक्टों के लिए फंडिंग दिलाने में मदद करता है, साथ ही समय पर डिस्बर्समेंट और कुशल वित्तीय योजना सुनिश्चित करता है। हमारी रणनीतिक योजना और बाज़ार की समझ की बदौलत, पाँच से अधिक लगातार मौकों पर कई आवासीय प्रोजेक्ट सिर्फ़ 2–3 दिनों में पूरी तरह बिक गए।
यह किसके लिए है
- आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक और मिश्रित-उपयोग प्रोजेक्टों के बिल्डर और डेवलपर
- ₹5 करोड़ से ₹500 करोड़ तक की फंडिंग की ज़रूरत वाले प्रोजेक्ट
- महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक के डेवलपर
- ऐसे प्रमोटर जो चाहते हैं कि एक ही सलाहकार कई बैंकों, NBFC और वित्तीय संस्थानों से संपर्क करे
हम क्या व्यवस्था करते हैं
- बिल्डरों के लिए प्रोजेक्ट फंडिंग
- कंस्ट्रक्शन फाइनेंस
- प्रोजेक्ट मॉर्गेज फंडिंग (OD व CC मॉड्यूल)
- चरणबद्ध डिस्बर्समेंट
- लचीली पुनर्भुगतान संरचनाएँ
- शुरू से अंत तक दस्तावेज़ीकरण सहायता
प्रोजेक्ट विवरण से डिस्बर्समेंट तक
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01
अपना प्रोजेक्ट बताएँ
फ़ोन, WhatsApp या पूछताछ फ़ॉर्म के ज़रिए हमें प्रोजेक्ट, उसकी मौजूदा स्थिति और आपको कितनी फंडिंग चाहिए, इसकी जानकारी दें।
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02
आकलन और संरचना
हम प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हैं और ज़रूरत के अनुसार संरचना तैयार करते हैं, जैसे कंस्ट्रक्शन लोन या OD या CC मॉड्यूल पर प्रोजेक्ट मॉर्गेज फंडिंग।
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03
ऋणदाता और दस्तावेज़ीकरण
हम उपयुक्त बैंकों, NBFC और वित्तीय संस्थानों से संपर्क करते हैं, फ़ाइल तैयार करते हैं और हर चरण पर आपको अपडेट देते रहते हैं।
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04
मंज़ूरी और चरणबद्ध रिलीज़
ऋणदाता द्वारा सुविधा मंज़ूर होने के बाद, निर्माण की प्रगति से जुड़े चरणों में राशि जारी की जाती है।
ऋणदाता आमतौर पर क्या माँगते हैं
हर ऋणदाता की अपनी चेकलिस्ट होती है। कंस्ट्रक्शन फाइनेंस के अधिकांश आवेदनों में ये दस्तावेज़ लगते हैं, और इन्हें जुटाने में हम आपकी मदद करते हैं।
- ज़मीन के टाइटल दस्तावेज़ और टाइटल सर्च रिपोर्ट
- स्वीकृत बिल्डिंग प्लान और कमेंसमेंट सर्टिफिकेट
- MahaRERA (या राज्य RERA) पंजीकरण, जहाँ लागू हो
- लागत, कैश-फ्लो और बिक्री अनुमानों सहित प्रोजेक्ट रिपोर्ट
- कंपनी, फर्म या प्रमोटरों के गठन (constitution) और KYC दस्तावेज़
- ऑडिटेड वित्तीय विवरण और आयकर रिटर्न
- पूरे हो चुके और चालू प्रोजेक्टों का ट्रैक रिकॉर्ड
- चालू प्रोजेक्टों की बिक्री और बुकिंग की स्थिति
नोट: सटीक सूची, मार्जिन और शर्तें हर ऋणदाता तय करता है और ये प्रोजेक्ट पर निर्भर करती हैं।
दस्तावेज़ों की पूरी चेकलिस्ट देखें: कंस्ट्रक्शन फाइनेंस के लिए दस्तावेज़ों की चेकलिस्ट
दस्तावेज़ों की पूरी चेकलिस्ट देखें: हाउसिंग सोसायटियों के लिए सेल्फ-रीडेवलपमेंट दस्तावेज़ चेकलिस्ट
कंस्ट्रक्शन फाइनेंस से जुड़े सवाल
कंस्ट्रक्शन फाइनेंस क्या है?
कंस्ट्रक्शन फाइनेंस एक लोन सुविधा है जो किसी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के निर्माण की लागत को फंड करती है। ऋणदाता आमतौर पर इसे निर्माण की प्रगति के साथ चरणों में जारी करते हैं, और डेवलपर इसे मुख्य रूप से यूनिटों की बिक्री से चुकाता है।
Biz Corp Solutions कितना कंस्ट्रक्शन फाइनेंस दिला सकता है?
हम बिल्डरों और डेवलपरों के लिए प्रति प्रोजेक्ट ₹5 करोड़ से ₹500 करोड़ तक की फंडिंग की व्यवस्था करते हैं।
किस तरह के प्रोजेक्टों को फंड किया जा सकता है?
आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक और मिश्रित-उपयोग रियल एस्टेट तथा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट।
आप किन ऋणदाताओं के साथ काम करते हैं?
हम बैंकों, NBFC और वित्तीय संस्थानों के नेटवर्क के साथ काम करते हैं और प्रोजेक्ट के लिए सबसे उपयुक्त ऋणदाताओं से संपर्क करते हैं, ताकि आपको हर ऋणदाता को अलग-अलग दस्तावेज़ जमा न करने पड़ें।
कंस्ट्रक्शन फाइनेंस का डिस्बर्समेंट कैसे होता है?
राशि एकमुश्त नहीं, बल्कि निर्माण की प्रगति के अनुरूप चरणों में जारी की जाती है।
प्रोजेक्ट मॉर्गेज फंडिंग में OD और CC मॉड्यूल क्या हैं?
ये रिवॉल्विंग लिमिट होती हैं — ओवरड्राफ्ट (OD) या कैश क्रेडिट (CC) सुविधा — जिनमें डेवलपर मंज़ूर लिमिट के भीतर ज़रूरत के अनुसार राशि निकालता है और ब्याज आमतौर पर इस्तेमाल की गई राशि पर ही लगता है।
आप किन क्षेत्रों में सेवा देते हैं?
हम बदलापुर पूर्व, ठाणे ज़िले स्थित अपने कार्यालय से महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक के बिल्डरों और डेवलपरों को सेवा देते हैं।
क्या आप प्रोजेक्ट के लिए बीमा की व्यवस्था भी कर सकते हैं?
हाँ। हम बिल्डरों और कॉन्ट्रैक्टरों को Contractor's All Risk (CAR) बीमा दिलाने में मदद करते हैं, जो कार्य शुरू होने से लेकर पूरा होने तक प्रोजेक्ट, सामग्री, मशीनरी और थर्ड-पार्टी देनदारियों को कवर करता है।
आवेदन से पहले पढ़ें
कंस्ट्रक्शन फाइनेंस के लिए लेंडर रियल एस्टेट प्रोजेक्ट का आकलन कैसे करते हैं
रियल एस्टेट प्रोजेक्ट को फंड करने से पहले बैंक और NBFC क्या जाँचते हैं: प्रमोटर, टाइटल, अनुमतियाँ, RERA, लागत, बिक्री, सिक्योरिटी और RBI नियम।
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मुंबई और ठाणे में डेवलपर हाउसिंग सोसाइटी रीडेवलपमेंट कैसे फ़ंड करते हैं: शुरुआती लागत, 2026 के नियम, DCPR और UDCPR इंसेंटिव FSI, RERA और लेंडर की जाँच।
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मुंबई और ठाणे की हाउसिंग सोसाइटियाँ सेल्फ़-रीडेवलपमेंट को कैसे फ़ंड करती हैं: नोडल सहकारी बैंक, RBI के नियम, प्रक्रिया, चुकौती और जोखिम।
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बैंक, NBFC या वित्तीय संस्थान: प्रोजेक्ट और कंस्ट्रक्शन फंडिंग के लिए लेंडर कैसे चुनें
भारत में बैंक, NBFC और वित्तीय संस्थान — तीनों प्रोजेक्ट फंड करते हैं। लागत, लचीलेपन, गति और फंडिंग के चरण में इनका अंतर और सही चुनाव कैसे करें।
पहले हिसाब लगाएँ
मेरे प्रोजेक्ट को कितना कंस्ट्रक्शन फाइनेंस चाहिए?
MahaRERA चरण-आधारित वसूली और 70% खाते के साथ महीने-दर-महीने कैश फ्लो मॉडल, जो पीक फंडिंग गैप, लोन का आकार, ब्याज और चुकौती का महीना बताता है।
सोसाइटी रीडेवलपमेंट फ़ीज़िबिलिटी
आपके FSI से रिहैब और सेल एरिया, सदस्यों का अतिरिक्त एरिया, किराया और कॉर्पस, निर्माण और प्रीमियम, डेवलपर का मुनाफ़ा, ब्रेक-ईवन बिक्री दर और ±10% संवेदनशीलता।
RERA 70% खाता निकासी (Form 3)
Form 3 पद्धति पर प्रमोटर MahaRERA सेपरेट खाते से कितनी राशि निकाल सकता है, खाते के बैलेंस की जांच और 70% / 100% जमा टेस्ट।
TDR, प्रीमियम FSI और फंजिबल लागत (महाराष्ट्र)
UDCPR / DCPR 2034 के तहत बेसिक FSI, प्रीमियम FSI, TDR और फंजिबल/एंसिलरी FSI से कुल निर्माण क्षेत्र और मनपा प्रीमियम लागत।
कॉन्ट्रैक्टर ऑल-रिस्क (CAR) बीमा व क्लेम
Section 1 मटेरियल डैमेज बीमा राशि, Section 2 TPL कवर, 18% GST और कम बीमा होने पर Average Clause से होने वाली क्लेम कटौती।
बिल्डर इन्वेंटरी फंडिंग बनाम कीमत छूट
OC-तैयार फ़्लैट्स पर 60%–70% LTV इन्वेंटरी लोन के घटते ब्याज और 8%–12% डिस्ट्रेस डिस्काउंट से होने वाले स्थायी नुकसान की तुलना।
अक्सर साथ ली जाने वाली सेवाएँ
प्रोजेक्ट की योजना बना रहे हैं या चालू प्रोजेक्ट के लिए फंड चाहिए?
अपने प्रोजेक्ट का विवरण भेजें, हमारी सलाहकार टीम फंडिंग संरचना पर चर्चा के लिए आपको कॉल करेगी।
Biz Corp Solutions साझेदार बैंकों, NBFC और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से फंडिंग की व्यवस्था करती है। मंज़ूरी, ब्याज दर और शर्तें ऋणदाता तय करता है। अंतिम समीक्षा: 5 अक्टूबर 2026।
