कीमत के बाद फ़्लैट ख़रीदने का सबसे बड़ा ख़र्च स्टांप ड्यूटी है, और महाराष्ट्र में इसकी कोई एक तय दर नहीं है। आप कितना चुकाएँगे यह इस पर निर्भर करता है कि फ़्लैट कहाँ है, ख़रीदार कौन है, और क्या रेडी रेकनर वैल्यू आपकी कीमत से ज़्यादा है। इस लेख में दरें, महिलाओं की छूट, रजिस्ट्रेशन शुल्क, होम लोन पर स्टांप ड्यूटी और पैसे असल में कैसे चुकाए जाते हैं, यह सब दिया गया है। हमारे स्टांप ड्यूटी कैलकुलेटर में भी यही दरें इस्तेमाल होती हैं।

फ़्लैट पर स्टांप ड्यूटी कैसे बनती है

इसकी दो परतें हैं।

1. Maharashtra Stamp Act के तहत मूल ड्यूटी. Article 25(b) अचल संपत्ति के बाज़ार मूल्य पर ड्यूटी लगाता है:

  • महानगरपालिका या कैंटोनमेंट क्षेत्र में 5%
  • नगर परिषद, नगर पंचायत या MMRDA सीमा के भीतर ग्रामीण क्षेत्र में 5%
  • उस सीमा के बाहर ग्राम पंचायत क्षेत्र में 4%

डेवलपर से फ़्लैट ख़रीदते समय Article 5(g-a)(ii) के तहत एग्रीमेंट फ़ॉर सेल पर कन्वेयंस (conveyance) जितनी ही ड्यूटी लगती है। इसलिए पूरी ड्यूटी एग्रीमेंट रजिस्टर कराते समय चुकानी होती है, सालों बाद पज़ेशन मिलने पर नहीं।

2. ऊपर से स्थानीय सरचार्ज.

  • महानगरपालिकाओं में LBT सरचार्ज (1%)। IGR Maharashtra के परिपत्रों में ठाणे, नवी मुंबई, पुणे, पिंपरी-चिंचवड और नागपुर समेत महानगरपालिकाओं के लिए इसका ज़िक्र है। मुंबई उस सूची में नहीं है।
  • अधिसूचित क्षेत्रों में मेट्रो सेस (1%)। इसमें मुंबई महानगर क्षेत्र और पुणे, पिंपरी-चिंचवड व नागपुर महानगरपालिकाएँ आती हैं। यह 1 अप्रैल 2022 से लागू है।
  • Municipal Councils Act की section 147A के तहत कुलगाँव-बदलापुर या अंबरनाथ जैसे नगर परिषद क्षेत्र में प्रॉपर्टी की बिक्री पर नगर परिषद सरचार्ज (1%)।

क्षेत्र के हिसाब से स्टांप ड्यूटी दरें

फ़्लैट कहाँ है मूल सरचार्ज कुल महिला ख़रीदार
मुंबई (BMC) 5% 1% मेट्रो सेस 6% 5%
ठाणे और अन्य MMR महानगरपालिकाएँ; पुणे, पिंपरी-चिंचवड, नागपुर 5% 1% LBT + 1% मेट्रो सेस 7% 6%
अन्य महानगरपालिकाएँ 5% 1% LBT 6% 5%
नगर परिषद, जैसे बदलापुर, अंबरनाथ 5% 1% परिषद सरचार्ज 6% 5%
MMRDA सीमा के भीतर ग्रामीण क्षेत्र 5% 1% ज़िला परिषद 6% 5%
अन्य ग्राम पंचायत क्षेत्र 4% 1% ज़िला परिषद 5% 4%

नगर परिषद और ग्रामीण पंक्तियाँ Stamp Act और स्थानीय निकायों के क़ानूनों की हमारी सबसे अच्छी समझ हैं। अधिसूचनाएँ बदलती रहती हैं और सही दर इस पर निर्भर करती है कि प्रॉपर्टी ठीक-ठीक कहाँ है, इसलिए भुगतान से पहले ई-चालान पर या सब-रजिस्ट्रार से आँकड़ा पक्का करें। सब-रजिस्ट्रार कोई अलग दर बताएँ तो उसे कैलकुलेटर के override बॉक्स में डालें।

रेडी रेकनर वैल्यू बनाम एग्रीमेंट वैल्यू

ड्यूटी बाज़ार मूल्य पर लगती है, यानी व्यवहार में एग्रीमेंट वैल्यू और वार्षिक दर विवरण (Annual Statement of Rates) की रेडी रेकनर (RR) वैल्यू में से जो ज़्यादा हो उस पर। कीमत पर छूट मिलने से भी स्टांप ड्यूटी RR आँकड़े से नीचे नहीं जाती।

महाराष्ट्र ने 2025-26 के लिए RR दरें बढ़ाईं (ग्रामीण क्षेत्रों में 3.36% और महानगरपालिका क्षेत्रों में 5.95%), और फिर 1 अप्रैल 2026 से 2026-27 के लिए इन्हें नहीं बदला। अपने इलाक़े की दर IGR Maharashtra की वेबसाइट पर देखी जा सकती है।

महिला ख़रीदारों के लिए 1% छूट

1 अप्रैल 2021 से, किसी महिला या महिलाओं द्वारा आवासीय यूनिट (फ़्लैट, बंगला, रो हाउस या टेनामेंट) ख़रीदने पर Article 25(b) के तहत स्टांप ड्यूटी 1% कम है। शर्तें:

  • महिला अकेली ख़रीदार हो, या सभी ख़रीदार महिलाएँ हों। पति या पिता सह-ख़रीदार हों तो छूट नहीं मिलती।
  • यह सिर्फ़ आवासीय प्रॉपर्टी पर लागू है।
  • विक्रेता कोई भी हो सकता है।
  • मूल आदेश में 15 साल तक किसी पुरुष को दोबारा बेचने पर रोक थी। 26 मई 2023 के आदेश से यह शर्त हटा दी गई, इसलिए अब वह किसी को भी बेच सकती है और छूट लौटानी नहीं पड़ती।

सिर्फ़ बचत के लिए अकेले मालिकाना हक़ चुनने से पहले सोचें। लोन के लिए सह-आवेदक की आय चाहिए तो लेंडर उस व्यक्ति का नाम भी टाइटल पर माँग सकता है, और कम मिलने वाला लोन उस 1% से ज़्यादा मायने रख सकता है।

रजिस्ट्रेशन शुल्क

महाराष्ट्र की फ़ीस तालिका के अनुसार बिक्री दस्तावेज़ के रजिस्ट्रेशन पर पहले ₹10,000 के लिए ₹100 और आगे हर ₹1,000 के लिए ₹10 लगते हैं, अधिकतम ₹30,000। व्यवहार में लगभग ₹30 लाख से ऊपर का हर फ़्लैट ₹30,000 चुकाता है। स्टांप ड्यूटी की तरह यह भी बाज़ार मूल्य पर निकाला जाता है। स्कैनिंग और दस्तावेज़ हैंडलिंग के छोटे शुल्क अलग हैं।

आपके होम लोन पर स्टांप ड्यूटी

लोन दस्तावेज़ पर भी ड्यूटी लगती है। महाराष्ट्र में ज़्यादातर होम लोन टाइटल डीड जमा (deposit of title deeds), यानी equitable mortgage से सुरक्षित होते हैं, जिस पर Article 6(1) के तहत ड्यूटी लगती है:

  • लोन ₹5 लाख तक हो तो लोन का 0.1%, न्यूनतम ₹100
  • बाक़ी सभी मामलों में लोन का 0.3%, अधिकतम ₹20 लाख

बिना पज़ेशन वाले रजिस्टर्ड सिंपल मॉर्गेज पर Article 40(b) के तहत यही दरें लगती हैं। ₹40 लाख के होम लोन पर यह 0.3% = ₹12,000 होता है। लेंडर आम तौर पर इसे डिस्बर्समेंट के समय लेते हैं।

बैंक स्टांप ड्यूटी के लिए लोन नहीं देता। ₹10 लाख तक के घरों को छोड़कर, लोन-टू-वैल्यू सीमा के लिए प्रॉपर्टी की लागत गिनते समय RBI बैंकों से कहता है कि स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन और दस्तावेज़ शुल्क शामिल न करें। ये ख़र्च अपनी जेब से करने की योजना बनाएँ।

उदाहरण (केवल समझाने के लिए)

जब तक अलग न बताया जाए, मान लिया गया है कि एग्रीमेंट वैल्यू RR वैल्यू के बराबर या उससे ज़्यादा है।

कीमत दर स्टांप ड्यूटी रजिस्ट्रेशन
ठाणे का फ़्लैट, पुरुष ख़रीदार ₹60 लाख 7% ₹4,20,000 ₹30,000
वही फ़्लैट, अकेली महिला ख़रीदार ₹60 लाख 6% ₹3,60,000 ₹30,000
मुंबई का फ़्लैट, संयुक्त (पुरुष और महिला) ₹1.2 करोड़ 6% ₹7,20,000 ₹30,000
बदलापुर का रीसेल फ़्लैट, कीमत ₹48 लाख, RR वैल्यू ₹52 लाख ₹52 लाख (RR) 6% ₹3,12,000 ₹30,000

बदलापुर वाले उदाहरण में RR वैल्यू ज़्यादा होने से ख़रीदार ₹48 लाख पर नहीं, बल्कि ₹52 लाख पर ड्यूटी चुकाता है। GST, TDS और इसके ऊपर बैंक कितना लोन देगा, यह जानने के लिए ठाणे और बदलापुर में घर ख़रीदने की असली लागत देखें।

रीसेल फ़्लैट

रीसेल फ़्लैट की ख़रीद Article 25 के तहत कन्वेयंस है, इसलिए यही दरें, RR नियम और महिलाओं की छूट लागू होती है। अगर विक्रेता ने डेवलपर से फ़्लैट ख़रीदा था और उस एग्रीमेंट के तीन साल के भीतर इसे ट्रांसफ़र कर रहा है, तो Stamp Act में पहले एग्रीमेंट पर चुकाई गई ड्यूटी को समायोजित करने का प्रावधान है, न्यूनतम ₹100 रखकर। यह आपके मामले पर लागू होता है या नहीं, सब-रजिस्ट्रार से पूछें।

स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क कैसे चुकाएँ

महाराष्ट्र में स्टांप ड्यूटी मुख्य रूप से इन तरीक़ों से चुकाई जाती है:

  • gras.mahakosh.gov.in पर GRAS ई-चालान। आप ऑनलाइन सरकारी कोषागार में भुगतान करते हैं और भुगतान के सबूत के रूप में GRN मिलता है। रजिस्ट्रेशन शुल्क भी इसी तरह चुकाया जा सकता है।
  • अधिकृत बैंक से e-SBTR (electronic Secured Bank and Treasury Receipt), जिस पर भुगतान के सबूत के रूप में CIN होता है।
  • छोटी रकम और कुछ दस्तावेज़ों के लिए फ़्रैंकिंग या स्टांप पेपर। फ़्लैट ख़रीद में इनका इस्तेमाल कम ही होता है।

भुगतान से पहले चालान पर प्रॉपर्टी का ब्योरा, रकम और सब-रजिस्ट्रार कार्यालय जाँच लें। ग़लत चालान ठीक कराने में समय लगता है।

छोटी जाँच-सूची

  • फ़्लैट की RR वैल्यू पता करें और RR व कीमत में से बड़ा आँकड़ा लें।
  • अपने क्षेत्र की कुल दर (MMR के ज़्यादातर हिस्सों में 6% या 7%) चालान पर पक्की करें।
  • महिलाओं की छूट मायने रखती हो तो एग्रीमेंट बनने से पहले ही मालिकाना हक़ तय करें।
  • रजिस्ट्रेशन (ज़्यादातर फ़्लैटों के लिए ₹30,000) और लोन पर मॉर्गेज ड्यूटी का बजट रखें।
  • GRN या CIN और रजिस्टर्ड दस्तावेज़ संभालकर रखें। लेंडर को इनकी कॉपी चाहिए होगी।

Biz Corp Solutions कैसे मदद करती है

हम ठाणे, बदलापुर और मुंबई के घर ख़रीदारों को स्टांप ड्यूटी समेत ख़रीद की पूरी लागत और लोन के ऊपर लगने वाली रकम निकालने में मदद करते हैं, और फिर बैंकों व हाउसिंग फ़ाइनेंस कंपनियों के ज़रिए होम लोन दिलाते हैं। अंतिम रकम और दर लेंडर तय करता है।

यह लेख 22 जुलाई 2026 तक संशोधित Maharashtra Stamp Act, IGR Maharashtra की अधिसूचनाओं और सूचीबद्ध अन्य स्रोतों पर, 21 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी के आधार पर है। सरचार्ज और रेडी रेकनर दरें बदल सकती हैं। भुगतान से पहले ई-चालान पर या सब-रजिस्ट्रार से रकम पक्की करें।