अगर आपका फ़्लैट महाराष्ट्र के किसी शहर में है, तो आपकी इमारत के सरकारी भूमि रिकॉर्ड पर आपका नाम शायद नहीं है। प्रॉपर्टी कार्ड (मिळकत पत्रिका) या 7/12 उतारे पर आम तौर पर हाउसिंग सोसायटी, बिल्डर या मूल ज़मीन मालिक का नाम होता है। वर्टिकल प्रॉपर्टी कार्ड इसे बदल देगा। इसमें हर फ़्लैट मालिक की, मंज़िल-दर-मंज़िल एंट्री होगी, और इमारत के नीचे की ज़मीन में उसका हिस्सा भी दर्ज होगा।

यह विचार कम से कम 2019 से चर्चा में है, लेकिन अभी लागू नहीं हुआ है। इस लेख में हमने अलग करके बताया है कि आधिकारिक तौर पर क्या तय है और क्या सिर्फ़ ख़बरों में आया है।

वर्टिकल प्रॉपर्टी कार्ड क्या है

सामान्य प्रॉपर्टी कार्ड ज़मीन के टुकड़े का "आड़ा" ब्योरा देता है: उसका सर्वे या CTS नंबर, क्षेत्रफल और धारक। 40 फ़्लैटों की इमारत एक ही प्लॉट पर होती है, इसलिए पूरे प्लॉट के लिए कार्ड पर एक ही धारक होता है।

वर्टिकल प्रॉपर्टी कार्ड प्लॉट के ऊपर की मंज़िलें भी जोड़ता है। हर फ़्लैट की अलग एंट्री होगी, जो मूल सर्वे या CTS नंबर से जुड़ी होगी। ख़बरों के अनुसार इसमें यह जानकारी हो सकती है:

  • मालिक का नाम, फ़्लैट नंबर और मंज़िल
  • फ़्लैट का कार्पेट या बिल्ट-अप क्षेत्रफल
  • मालिक का ज़मीन में हिस्सा, भिन्न (fraction) में या वर्ग फ़ुट में
  • मूल CTS, सर्वे या गट नंबर
  • फ़्लैट पर बैंक लोन और अन्य बोझ (charges)
  • जाँच के लिए डिजिटल हस्ताक्षर और QR कोड

यह ब्योरा ख़बरों से आया है, प्रकाशित नियमों से नहीं। कंपाउंड, पार्किंग और एमेनिटी स्पेस जैसे साझा हिस्से कैसे दर्ज होंगे, यह उन सवालों में से एक है जो सरकारी समिति को तय करने हैं।

आधिकारिक तौर पर क्या तय है

समिति का GR (30 अक्टूबर 2025)। राजस्व एवं वन विभाग ने "Vertical Property Rules" पर समिति बनाने का शासन निर्णय जारी किया। इसकी मुख्य बातें:

  • क्यों: महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता, 1966 की धारा 149–151 के तहत प्रॉपर्टी कार्ड पर अधिकारों की एंट्री होती है, लेकिन अपार्टमेंट दर्ज करने का कोई एक समान तरीक़ा नहीं है। ज़्यादातर बहुमंज़िला इमारतों में सिर्फ़ को-ऑपरेटिव सोसायटी दर्ज होती है।
  • कौन: अपर मुख्य सचिव (राजस्व) अध्यक्ष हैं। सदस्यों में सहकारिता, नगर विकास और ग्राम विकास विभागों के सचिव, विधि एवं न्याय विभाग, जमाबंदी आयुक्त एवं भूमि अभिलेख निदेशक, और पंजीयन महानिरीक्षक शामिल हैं।
  • क्या करना है:
    1. दूसरे राज्य फ़्लैट मालिकों को कैसे दर्ज करते हैं, इसका अध्ययन
    2. अपार्टमेंट एक्ट के तहत फ़्लैट मालिकों को 7/12 या प्रॉपर्टी कार्ड पर दर्ज करने के नियमों या क़ानून का मसौदा
    3. इमारत के नीचे की ज़मीन और साझा हिस्से कैसे दर्ज हों, इसका फ़ैसला
  • समय-सीमा: समिति को एक महीना दिया गया था। उसने सिफ़ारिशें सौंपीं, ऐसी कोई सार्वजनिक ख़बर हमें नहीं मिली।

मंत्री का बयान (9 सितंबर 2026)। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि महाराष्ट्र दिसंबर 2026 तक लैंड टाइटलिंग क़ानून लाएगा। इसके तहत:

  • प्रॉपर्टी कार्ड पर लोकेशन, माप, मूल्य और मालिकाना हक़ QR कोड के साथ दिखेंगे
  • वर्टिकल प्रॉपर्टी कार्ड में हर फ़्लैट मालिक का ज़मीन में हिस्सा दर्ज होगा
  • आवेदन के 15 दिनों में ज़मीन की नपाई होगी

अभी तक विधेयक पेश नहीं हुआ है।

ख़बरों में आया, पर पक्का नहीं

इन दावों को सावधानी से पढ़ें:

ऑनलाइन दिखने वाला दावा हमें क्या मिला
"कार्ड शुरू हो गया है" कोई GR, अधिसूचना या महाभूमि पर सेवा नहीं। अक्टूबर 2026 तक भूमि अभिलेख पोर्टल पर सिर्फ़ 7/12, 8अ और प्रॉपर्टी कार्ड उपलब्ध हैं।
"1 जनवरी 2026 से नए महारेरा फ़्लैटों के लिए अनिवार्य" अप्रैल 2026 के एक लेख में आया, जिसमें यह भी कहा गया था कि अंतिम अधिसूचना बाक़ी है। कोई आधिकारिक आधार नहीं।
"हर फ़्लैट पर ₹500 फ़ीस" कोई आधिकारिक आधार नहीं।
"मौजूदा मालिक दिसंबर 2027 तक सोसायटी के ज़रिए आवेदन करें" कोई आधिकारिक आधार नहीं।
"2019 में कैबिनेट ने मंज़ूरी दी" ख़बरों में अंतर है: कुछ "सैद्धांतिक मंज़ूरी" कहती हैं, कुछ "कैबिनेट मंज़ूरी"। कोई GR नंबर नहीं दिया गया।

दिसंबर 2024 की एक ख़बर के अनुसार संशोधित प्रस्ताव में वर्टिकल कार्ड एक पूरक रिकॉर्ड होगा, प्रॉपर्टी कार्ड या 7/12 ही मुख्य रिकॉर्ड रहेगा, और शुरुआत महारेरा-पंजीकृत प्रोजेक्टों से होगी। लैंड टाइटलिंग क़ानून इसे ज़्यादा मज़बूत मालिकाना रिकॉर्ड बनाएगा या नहीं, यह अभी पता नहीं।

आपके मौजूदा दस्तावेज़ों से इसका रिश्ता

वर्टिकल प्रॉपर्टी कार्ड इन दस्तावेज़ों की जगह नहीं लेगा:

  • रजिस्टर्ड एग्रीमेंट फ़ॉर सेल या सेल डीड: फ़्लैट ख़रीदने का आपका मुख्य सबूत।
  • कन्वेयंस या डीम्ड कन्वेयंस: ज़मीन को बिल्डर से सोसायटी (MOFA, धारा 11) या अपार्टमेंट मालिकों के संघ (RERA, धारा 17) को हस्तांतरित करता है। जब तक यह नहीं होता, भूमि रिकॉर्ड पर बिल्डर या ज़मीन मालिक का ही नाम रहता है।
  • सोसायटी का शेयर सर्टिफ़िकेट: को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में ज़मीन सोसायटी की होती है, और आपके पास शेयर और फ़्लैट में रहने का अधिकार होता है।
  • डीड ऑफ़ अपार्टमेंट: महाराष्ट्र अपार्टमेंट ओनरशिप एक्ट, 1970 के तहत इमारतों में हर मालिक के पास अपार्टमेंट और साझा हिस्सों में अविभाजित हिस्सा होता है। GR में "अपार्टमेंट एक्ट के अनुसार" एंट्री का साफ़ ज़िक्र है।

जहाँ ज़मीन का कन्वेयंस कभी हुआ ही नहीं, वहाँ वर्टिकल कार्ड कैसे काम करेगा, यह सबसे बड़ा अनसुलझा सवाल है। मुंबई, ठाणे और पुणे की कई पुरानी इमारतें इसी स्थिति में हैं। अगर आपकी इमारत भी ऐसी है, तो डीम्ड कन्वेयंस पूरा करना ही अभी सबसे अहम क़दम है।

लोन, रीसेल और रीडेवलपमेंट के लिए यह क्यों अहम है

लागू होने पर कार्ड इस तरह काम आ सकता है:

  • होम लोन और लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी: सेल डीड, सोसायटी NOC और सर्च रिपोर्ट जोड़ने के बजाय लेंडर एक ही रिकॉर्ड पर मालिकाना हक़, ज़मीन में हिस्सा और मौजूदा बोझ जाँच सकेगा। इससे एक ही फ़्लैट की दोहरी बिक्री और दोहरे गिरवी के मामले घट सकते हैं।
  • रीसेल: भुगतान से पहले ख़रीदार विक्रेता की एंट्री और लोन जाँच सकेगा।
  • रीडेवलपमेंट: दर्ज ज़मीनी हिस्सों से डेवलपर के साथ सदस्यों के हक़ तय करना, या सेल्फ़-रीडेवलपमेंट की योजना बनाना आसान हो सकता है।
  • विरासत: वारिसों का नामांतरण सीधे फ़्लैट की एंट्री पर हो सकेगा।

नियम अधिसूचित होने तक लेंडर टाइटल चेन के दस्तावेज़, सोसायटी NOC, शेयर सर्टिफ़िकेट और टाइटल सर्च माँगते रहेंगे, और आज भी लोन इन्हीं के आधार पर मंज़ूर होता है।

फ़्लैट मालिक अभी क्या करें

  1. दस्तावेज़ दुरुस्त रखें: रजिस्टर्ड एग्रीमेंट, सेल डीड, इंडेक्स II, शेयर सर्टिफ़िकेट और ऑक्यूपेंसी सर्टिफ़िकेट।
  2. इमारत का भूमि रिकॉर्ड देखें: महाभूमि पर प्रॉपर्टी कार्ड या 7/12 पर किसका नाम है, यह जाँचें।
  3. कन्वेयंस पूरा कराएँ: ज़मीन अब भी बिल्डर के नाम पर है तो ज़िला उप-निबंधक, सहकारी संस्थाएँ के पास डीम्ड कन्वेयंस के लिए आवेदन किया जा सकता है।
  4. किसी को पैसे न दें: जो वर्टिकल प्रॉपर्टी कार्ड "बनवा देने" की बात करे, उसे पैसे न दें। ऐसी कोई आधिकारिक सेवा अभी मौजूद नहीं है।
  5. ख़रीदते समय पहले मंज़ूरियाँ जाँचें: अक्टूबर 2026 से सब-रजिस्ट्रार अनधिकृत इमारतों के फ़्लैटों के बिक्री दस्तावेज़ रजिस्टर नहीं कर सकते।

अभी क्या साफ़ नहीं है

  • कार्ड अनिवार्य होगा या वैकल्पिक
  • यह निर्णायक टाइटल होगा या सिर्फ़ सहायक रिकॉर्ड
  • फ़ीस कितनी होगी, और क्या स्टांप ड्यूटी लगेगी
  • बिना कन्वेयंस वाली सोसायटियों और अनधिकृत इमारतों का क्या होगा
  • हर फ़्लैट की नपाई कौन करेगा, और सिटी सर्वे दफ़्तर मौजूदा इमारतों तक कितनी जल्दी पहुँचेंगे
  • कार्ड और सेल डीड या सोसायटी रजिस्टर में अंतर हो तो कौन-सा रिकॉर्ड मान्य होगा

नियमों का मसौदा या लैंड टाइटलिंग विधेयक प्रकाशित होने पर हम यह लेख अपडेट करेंगे।

Biz Corp Solutions कैसे मदद करती है

हम बैंकों और NBFC के ज़रिए घर ख़रीदारों और प्रॉपर्टी मालिकों को होम लोन और लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी दिलाने में मदद करते हैं, जिसमें लोन मंज़ूरी से पहले लेंडर की टाइटल और दस्तावेज़ जाँच भी शामिल है। हमारी होम लोन और लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी सेवाएँ देखें, या ख़रीदने या लोन लेने से पहले हमें कॉल करें।

यह लेख 30 अक्टूबर 2025 के शासन निर्णय और 15 अक्टूबर 2026 तक की ख़बरों पर आधारित है। वर्टिकल प्रॉपर्टी कार्ड अभी अधिसूचित नहीं हुआ है। इसके आधार पर कोई फ़ैसला लेने से पहले सिटी सर्वे कार्यालय या भूमि अभिलेख विभाग से पुष्टि करें।