1. उधारकर्ता प्रोफ़ाइल और शुरुआती क्रेडिट अड़चन

  • हर वर्क ऑर्डर पर 5% परफ़ॉर्मेंस BG और 24–36 माह की डिफेक्ट लायबिलिटी अवधि के लिए 5% रिटेंशन मनी BG आवश्यक थी।
  • निजी बैंक में 30% FD मार्जिन और 2.10% वार्षिक BG कमीशन के कारण ₹2.25 करोड़ नकद FD में ब्लॉक थे और RA बिल भुगतान में 75 दिन लगते थे।
  • मौजूदा Contractor's All Risk (CAR) पॉलिसी में एस्केलेशन और मलबा हटाने का कवर न होने से 19% अंडर-इंश्योरेंस (Average Clause) कटौती का जोखिम था।

2. फ़ाइल और कैश-फ़्लो वॉटरफ़ॉल को कैसे स्ट्रक्चर किया गया

  • सरकारी बैंक की कॉन्ट्रैक्टर योजना में ₹12.00 करोड़ की संयुक्त लिमिट स्ट्रक्चर की: 0.95% कमीशन और 15% FD मार्जिन पर ₹8.00 करोड़ BG तथा 9.25% दर पर ₹4.00 करोड़ CC/OD — जिससे तुरंत ₹1.05 करोड़ की FD नकदी मुक्त हुई।
  • स्वीकृत RA बिलों के लिए 8.40% प्रति वर्ष पर बिल डिस्काउंटिंग / TReDS सुविधा जोड़कर 75 दिन के भुगतान चक्र को 4 दिन पर लाया।
  • पूर्ण अनुबंध मूल्य + 15% मूल्य वृद्धि + ₹75 लाख मलबा निकासी + थर्ड-पार्टी लायबिलिटी (TPL) सहित Contractor's All Risk (CAR) बीमा पॉलिसी बैंक क्लॉज़ के साथ लागू की।

3. पहले बनाम बाद की स्वीकृति तुलना