1. उधारकर्ता प्रोफ़ाइल और शुरुआती क्रेडिट अड़चन

  • पुरानी इमारत खाली करने से पहले सोसायटी को ₹6.00 करोड़ की बैंक गारंटी और 24 महीने का अग्रिम ट्रांज़िट किराया देना अनिवार्य था।
  • मौजूदा बैंक ने BG पर 50% (₹3.00 करोड़) FD मार्जिन माँगा, जिससे IOD/CC और UDCPR प्रीमियम किस्तों के लिए ज़रूरी प्रमोटर इक्विटी फँस रही थी।
  • MahaRERA 70% खाते और नगर निगम प्रीमियम किस्तों का सही मिलान न होने से तिमाही 2 और 3 में ₹7.40 करोड़ का कृत्रिम कैश-फ़्लो अंतर दिख रहा था।

2. फ़ाइल और कैश-फ़्लो वॉटरफ़ॉल को कैसे स्ट्रक्चर किया गया

  • TMC प्रीमियम किस्तों और MahaRERA आदेश सं. 56/2024 के तीन-खाता नियमों के अनुरूप 10 तिमाहियों का चरणबद्ध कैश-फ़्लो मॉडल तैयार किया।
  • एक सरकारी बैंक से ₹42.00 करोड़ की संयुक्त स्वीकृति कराई: 10.65% प्रति वर्ष पर ₹36.00 करोड़ कंस्ट्रक्शन फाइनेंस और केवल 15% FD मार्जिन पर ₹6.00 करोड़ परफ़ॉर्मेंस BG सब-लिमिट।
  • फ्री-सेल कारपेट एरिया के 28% प्री-लॉन्च बुकिंग के आधार पर 1.78x सुरक्षा एवं प्राप्य कवर प्रस्तुत किया।

3. पहले बनाम बाद की स्वीकृति तुलना